
रायपुर, 26 फरवरी 2026
छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने विभागीय कार्यों में गति, प्रभावशीलता और बेहतर समन्वय लाने के उद्देश्य से बड़ा प्रशासनिक कसावट किया है। विभाग ने विभिन्न वनमंडलों, अनुसंधान एवं विस्तार इकाइयों तथा परिक्षेत्रों में पदस्थ वन अधिकारियों के तबादले और नई जिम्मेदारियों के आदेश जारी किए हैं। यह फेरबदल मुख्य रूप से 21 नवंबर 2025 के विभागीय संदर्भ पर आधारित है और अस्थायी रूप से लागू किया गया है, जब तक आगे के स्थायी आदेश जारी नहीं हो जाते।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह प्रशासनिक बदलाव वन संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने, वन्यजीव प्रबंधन और क्षेत्रीय विकास योजनाओं को अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए किया गया है। छत्तीसगढ़ जैसे वन-समृद्ध राज्य में, जहां घने जंगल, टाइगर रिजर्व और जैव-विविधता वाले क्षेत्र हैं, ऐसे फेरबदल से विभागीय कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा और जवाबदेही आने की उम्मीद है।
आदेश की मुख्य बातें
आधार: 21 नवंबर 2025 के विभागीय निर्देशों के संदर्भ में जारी।
प्रभाव: तत्काल प्रभाव से लागू, संबंधित सभी अधिकारियों को नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के सख्त निर्देश।
दायरा: विभिन्न वनमंडल (डिवीजन), अनुसंधान इकाइयां, विस्तार केंद्र और परिक्षेत्र स्तर के अधिकारी शामिल।
उद्देश्य: प्रशासनिक कार्यों में तेजी, बेहतर निगरानी और क्षेत्रीय चुनौतियों (जैसे अवैध कटाई, मानव-वन्यजीव संघर्ष, जलवायु अनुकूलन परियोजनाएं) का प्रभावी प्रबंधन।
विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में तबादला सूची का विस्तृत उल्लेख किया गया है, जिसमें अधिकारियों के नाम, वर्तमान पद और नई जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। हालांकि, विशिष्ट नामों और स्थानों की पूरी सूची विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (forest.cg.gov.in) या संबंधित सर्कुलर में उपलब्ध है।
विभाग का बयान और महत्व
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारी ने बताया कि यह फेरबदल नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है, जो समय-समय पर विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता है। छत्तीसगढ़ में वन क्षेत्र राज्य की कुल भौगोलिक स्थिति का लगभग 44% है, और यहां संरक्षण, वनरोपण, जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चल रही हैं। ऐसे में कुशल अधिकारियों की सही जगह पर तैनाती से इन योजनाओं को गति मिलेगी।
यह बदलाव हाल के महीनों में वन विभाग में हुए अन्य तबादलों और पदोन्नतियों की कड़ी में आता है, जहां IFS स्तर से लेकर रेंजर और अन्य कैडर के अधिकारियों की पोस्टिंग में लगातार समायोजन हो रहा है।
विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बिना देरी के नए स्थान पर पहुंचकर कार्यभार संभालें। यदि कोई अधिकारी ऐसा नहीं करता, तो विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह प्रशासनिक फेरबदल राज्य की वन नीतियों और पर्यावरण संरक्षण प्रयासों को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आगे की स्थिति पर नजर बनी रहेगी, खासकर जब स्थायी तबादले या और बड़े बदलावों की संभावना हो।






