
* कोरबा: कोरबा शहर इन दिनों अवैध प्रचार सामग्री के जाल में फंसता जा रहा है। बिजली के खंभों, स्ट्रीट लाइट पोल और पेड़ों पर शिक्षण संस्थानों, निजी कंपनियों और राजनीतिक दलों द्वारा बिना अनुमति के बैनर, पोस्टर, कटआउट और बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इससे न सिर्फ शहर की सुंदरता बिगड़ रही है, बल्कि नियमों की खुलेआम धज्जियां भी उड़ाई जा रही हैं।
मुख्य बाजारों, चौराहों से लेकर मोहल्लों की संकरी गलियों तक लगभग हर बिजली का पोल इन अवैध प्रचार सामग्रियों से पट चुका है। जहां देखो वहीं फ्लेक्स, बैनर और पोस्टर लटकते नजर आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब नगर निगम और विद्युत विभाग की नजरों के सामने हो रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।
नियमों की अनदेखी
नगर निगम और छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) के नियमों के अनुसार, बिजली के खंभों, स्ट्रीट लाइट पोल या किसी भी पेड़ पर बिना पूर्व अनुमति और निर्धारित शुल्क जमा किए कोई भी विज्ञापन या प्रचार सामग्री लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। बावजूद इसके अधिकांश संस्थाएं और संगठन इन नियमों को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से सामग्री लगा रहे हैं।
सुरक्षा को खतरा
अवैध रूप से लगाए गए ये फ्लेक्स और बैनर तेज हवा या बारिश में गिरकर राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। कई बार ये सामग्री बिजली की तारों से छूकर शॉर्ट सर्किट या दुर्घटना का कारण भी बन जाती हैं। बिजली विभाग के कर्मचारियों को खंभों की मरम्मत या रखरखाव के दौरान इन सामग्रियों को हटाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्रशासन की खामोशी
जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। फिर भी नगर निगम और विद्युत विभाग की ओर से अब तक कोई सख्त कार्रवाई या अभियान शुरू नहीं किया गया है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत अवैध बैनर-पोस्टर हटाए जाएं और दोषियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि शहर की साफ-सुथरी छवि बनी रहे।
कोरबा नगर निगम और विद्युत विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई आधिकारिक बयान प्राप्त नहीं हो सका।
नागरिक अपील: अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो नगर निगम हेल्पलाइन या विद्युत विभाग की शिकायत दर्ज कराएं। शहर को साफ-सुथरा रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।








