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धान खरीदी का ढोंग: कोरबा में किसान धान बेचने को तरस रहे, सरकार के दावे खोखले!

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डी.के. सरजाल

कोरबा जिले के चिकनिपाली समेत तमाम धान खरीदी केंद्रों पर हाहाकार मचा हुआ है। सरकार मंचों से चिल्ला-चिल्लाकर कहती है — “किसानों का एक-एक दाना खरीदा जाएगा”, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे कोसों दूर है। किसान दिन-रात पेट्रोल जलाकर, खेती-किसानी छोड़कर समितियों के चक्कर काट रहे हैं, मगर टोकन नहीं कट रहा तो धान बिकने का नाम ही नहीं ले रहा।

### टोकन का तमाशा — ऑनलाइन 70%, ऑफलाइन 30%, लेकिन हकीकत में शून्य!

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सरकार ने तय किया है कि 70% टोकन ऑनलाइन (तुंहर टोकन ऐप के जरिए) और 30% ऑफलाइन कटेंगे। लेकिन कोरबा की समितियों में हालात ऐसे हैं कि:

– ऑनलाइन पोर्टल खोलते ही “गोल-गोल घूमता है और शून्य हो जाता है” — घंटों की मशक्कत के बाद भी टोकन नहीं मिलता।

– समिति पहुंचने पर जवाब — “आज की लिमिट पूरी हो गई”।

– रोजाना खरीदी की लिमिट इतनी कम रखी गई है कि सैकड़ों किसान खाली हाथ लौट रहे हैं।

यह सिर्फ समय की बर्बादी नहीं — किसान की जेब पर सीधा डाका है। पेट्रोल, ट्रैक्टर का खर्चा, मजदूरी — सब बेकार!

### गिरदावरी में गड़बड़ी, फसल घरों में सड़ रही

कई किसानों के गिरदावरी रिकॉर्ड में गड़बड़ियां बताई जा रही हैं। राजस्व अमला जांच के नाम पर खरीदी रोक रहा है, जबकि किसानों के घरों में धान भरा पड़ा है। सवाल उठता है — रकबा गलत है तो जांच करो, लेकिन फसल सड़ने क्यों दी जा रही? क्या किसान का नुकसान भरपाई कौन करेगा?

### पूरे प्रदेश में यही हाल — कोरबा अकेला नहीं

कोरबा की यह समस्या अकेली नहीं। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में टोकन की कमी, लिमिट कम होने, सॉफ्टवेयर गड़बड़ी और प्रभारियों की मनमानी की शिकायतें आ रही हैं। किसान रैलियां निकाल रहे हैं, ज्ञापन सौंप रहे हैं, यहां तक कि उग्र आंदोलन की चेतावनी दे चुके हैं।

सरकार के बड़े-बड़े दावे अब खोखले साबित हो रहे हैं। किसानों का आरोप है — खाद-बीज के समय परेशान किया, अब धान बेचने में भी लूट मची है। क्या यह वही सरकार है जो किसान सम्मान की बात करती है?

### अब सवाल किसान के सामने — और कितना इंतजार?

अगर जल्दी लिमिट नहीं बढ़ाई गई, गिरदावरी की गड़बड़ियां सुधारी नहीं गईं, टोकन व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में किसान सड़कों पर उतरेंगे — और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।**

किसानों की आवाज दबाई नहीं जा सकती!**

धान खरीदी केंद्रों पर पहुंचे किसानों की तस्वीरें और वीडियो देखकर दिल पसीज जाता है — यह दर्द सिर्फ कोरबा का नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ का है।

आपकी राय क्या है? कमेंट में बताएं — सरकार को अब जागना होगा या किसान ही और हलाकान होंगे?

#धानखरीदी #किसानसंघर्ष #कोरबा #छत्तीसगढ़किसान #धानखरीदीघोटाला

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