
जवाली। अंतिम श्रावण सोमवार के अवसर पर जवाली के मुराई कछार स्थित शिव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। ग्रामीण क्षेत्र में कृषि कार्य का एक चरण पूरा होने के बाद ग्रामवासियों ने राहत के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। विगत सप्ताह की तुलना में इस बार मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या भी अपेक्षाकृत अधिक रही।
सुबह से शाम तक बारिश के बीच मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं द्वारा भगवान शिव का जलाभिषेक एवं दुग्धाभिषेक कर बेलपत्र, धतूरा, पुष्प एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित की गई। इसके साथ ही आरती, भोग एवं प्रसाद वितरण का सिलसिला भी निरंतर चलता रहा। प्रातःकालीन बेला में 12 जोड़ों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना एवं दुग्धाभिषेक किया गया।

इस अवसर पर विभिन्न श्रद्धालु परिवारों की ओर से प्रसाद की व्यवस्था की गई। लक्की पटेल परिवार की ओर से सेवई, जागेश्वरी/करणसेन सारथी (पूर्व जनपद सदस्य) की ओर से हलवा, श्यामसिंह रजक नदियापार की ओर से खीर तथा बेहतर स्वास्थ्य की कामना के लिए रिया/देवनारायण कैवर्त्य परिवार की ओर से फलाहार का वितरण किया गया। वहीं रंजना समिति के कन्हैयालाल पटेल द्वारा प्रसाद वितरण के लिए दोना उपलब्ध कराया गया।

मंदिर परिसर में 101 बर्तन-टोकरियों में भोजली स्थापित कर भोजली सेवा का कार्य भी विधिवत किया जा रहा है। आगामी गुरुवार को मातृ मंडली के सहयोग से महिला मंडली द्वारा भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। वहीं रक्षाबंधन पर्व के दूसरे दिन शनिवार को भोजली विसर्जन कार्यक्रम बाजे-गाजे के साथ धूमधाम से किया जाएगा।
भोजली विसर्जन के अवसर पर प्रसाद की व्यवस्था दानदाताओं, ग्राम के सरपंच, जनपद सदस्य एवं अन्य प्रमुख लोगों के सहयोग से की जाएगी। आयोजन को सफल बनाने के लिए भक्त महिला समिति की सदस्याएं लगातार तैयारियों में जुटी हुई हैं। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और सामुदायिक एकजुटता का माहौल बना हुआ है।








