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KORBA:ननकी की अनदेखी कर गए गोपाल, खुद आगे बैठे-उन्हें बुलाया तक नहीं…..VIDEO

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डी.के. सरजाल

मुख्यमंत्री का प्रवास और मंचीय कार्यक्रम में CM के PSO ने दी तवज्जो

कोरबा। आदिवासी धर्म संस्कृति पर आधारित गौरा-गौरी पूजा एवं बैगा- पुजेरी सम्मेलन कार्यक्रम के अवसर पर छत्तीसगढ़ के वरिष्ठतम आदिवासी नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर एक बार फिर अपनी ही पार्टी की उपेक्षा का शिकार होते नजर आए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में वे अपने ही शागिर्द वर्तमान जिला भाजपा अध्यक्ष गोपाल मोदी की अनदेखी का शिकार हुए। भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी वे शख्स हैं जिनका नाम ननकीराम कंवर के साथ शुरू से जुड़ता रहा है। ननकी राम कंवर की सरपरस्ती में गोपाल मोदी ने अनेक ऊंचाईयों को छुआ, इसमें कोई संदेह नहीं। ननकीराम कंवर ने अपने अजीज कार्यकर्ताओं की कतार में गोपाल मोदी को भी प्रथम पंक्ति पर रखा लेकिन सत्ता और कुर्सी, पद और प्रतिष्ठा, राजनीतिक रंग वक्त-बे-वक्त बदलते रहते हैं, ऐसे बदले वक्त पर एक ऐसा भी वक्त नजर आया जब गोपाल मोदी ने ननकी राम कंवर को मंचीय कार्यक्रम में दूसरी पंक्ति की कुर्सी में बैठा देखकर भी अनदेखा कर दिया और स्वयं मुख्यमंत्री के साथ महापौर के बगल की कुर्सी में अग्रिम पंक्ति पर बैठे रहे।

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यह नजारा देख गजल की एक पंक्ति बरबस याद आ जाती है…जरा सा कुदरत ने क्या नवाजा, वो आके बैठे हैं पहली शफ़ में….तुम्हारा लहजा बता रहा है अभी ये शोहरत नई-नई है….।

चर्चा है कि पार्टी जिला अध्यक्ष होने के नाते साथ ही ननकी राम कंवर के सम्मान को देखते हुए जिला अध्यक्ष को उन्हें ससम्मान आगे बैठने के लिए या तो अपनी कुर्सी छोड़ देनी थी या फिर उन्हें वहां से उठाकर आगे बैठाना था लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। ननकीराम कंवर बड़ी ही सादगी के साथ पिछली पंक्ति की कुर्सी पर अकेले बैठ गए जबकि अन्य लोगों ने मुख्यमंत्री के अगल-बगल की कुर्सियों को साझा किया। यह तो मुख्यमंत्री के PSO ने वरिष्ठता का सम्मान रखा, कद की गरिमा को समझा और उन्होंने पूर्व गृहमंत्री को पीछे की कुर्सी से उठाकर सामने की कुर्सी पर बैठाया। यह नजारा जिस किसी ने भी देखा वह एक सामान्य घटनाक्रम भले ही समझकर भूल गया हो लेकिन ननकी राम कंवर काफी लंबे समय से अपनी ही पार्टी में अपने ही लोगों से उपेक्षा का शिकार होते आ रहे हैं।

पिछले दिनों भी ऐसे कई घटनाक्रम हुए जब ननकीराम कंवर को हाशिए पर डालते हुए लोगों ने देखा। भले ही बातों को संभालने के लिए घटनाओं के गुजर जाने के बाद पदाधिकारी सफाई देते रहें लेकिन यह तो सतही तौर पर सहज ही दिख जाता है कि वरिष्ठों को जब बैक फुट पर डालना हो तो अग्रिम पंक्ति के लोग उन्हें किस प्रकार से बायकाट करते-करते काट ही देते हैं।

वैसे, ननकी राम कंवर किसी परिचय और सम्मान के मोहताज तो नहीं लेकिन पार्टी का जिला अध्यक्ष होने के नाते यह जरूरी माना जा रहा है कि अपनी कुर्सी से पहले पार्टी के वरिष्ठतम नेता और ननकी राम कंवर की गरिमा का तो ख्याल रखना था।

 

 

 

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