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कोरबा में मनरेगा बचाओ अभियान के तहत कांग्रेस ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया, केंद्र सरकार पर साधा निशाना

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डी.के. सरजाल

            कोरबा, 24 फरवरी 2026: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने आज “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान के अंतर्गत जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं, नेताओं और स्थानीय मनरेगा मजदूरों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। यह विरोध मुख्य रूप से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) में हालिया बदलावों, बजट कटौती, भुगतान में देरी और योजना के मूल स्वरूप को कमजोर करने के आरोपों पर केंद्रित रहा।

कांग्रेस के प्रदेश स्तर पर चलाए जा रहे इस 45-दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान (10 जनवरी से 25 फरवरी 2026 तक) का हिस्सा बताते हुए कोरबा में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। पार्टी ने दावा किया कि केंद्र सरकार द्वारा MGNREGA को VB-G RAM G Act (विकसित भारत – ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन) जैसे नए कानून से बदलने या कमजोर करने के प्रयास ग्रामीण भारत की आजीविका पर हमला हैं। मनरेगा, जो 2005 में कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई थी, ग्रामीण परिवारों के लिए 100 दिनों का गारंटीड रोजगार प्रदान करती है।

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प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए और ज्ञापन सौंपा। सांसद ज्योत्स्ना चरण दास महंत सहित अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए, जिन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण मजदूरों, किसानों और गरीबों पर लगातार हमला कर रही है। उन्होंने मांग की कि मनरेगा को उसके मूल रूप में बहाल किया जाए, पंचायतों की भूमिका मजबूत हो, बजट बढ़ाया जाए और भुगतान समय पर हो।

छत्तीसगढ़ के कई अन्य जिलों जैसे महासमुंद, सक्ति, सूरजपुर, कवर्धा और धमतरी में भी इसी अभियान के तहत कलेक्टर कार्यालय घेराव और धरना-प्रदर्शन हुए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र द्वारा योजना का नाम बदलना, बजट घटाना और ठेकेदारों को अधिक भूमिका देना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहा है।

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