
जवाली। ग्राम जवाली में आगामी नौ दिवसीय दुर्गा उत्सव 2026 के आयोजन को लेकर दुर्गा उत्सव समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ ग्राम के स्वयंसेवकों के नेतृत्व में समस्त देवी-देवताओं के जयकारों के साथ हुआ। बैठक में ग्रामीणों ने उत्सव को भव्य, सुव्यवस्थित एवं धार्मिक-सांस्कृतिक स्वरूप में आयोजित करने को लेकर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में पूर्व आयोजक समिति के सदस्यों द्वारा ग्राम में दुर्गा पूजा की परंपरा एवं पूर्व आयोजनों के संबंध में जानकारी साझा की गई। बताया गया कि ग्राम में दुर्गा पूजा की शुरुआत वर्ष 2002 में बारदेवली में पाण्डेय महाराज के दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन में की गई थी। इसके बाद यह धार्मिक परंपरा निरंतर आगे बढ़ती रही।
इसी क्रम में जवाली बाजार मोहल्ले में वर्ष 2008 से सम्मे लाल पटेल की पुत्री साधना के नाम से दुर्गा पूजा आयोजन की शुरुआत हुई। कोरोना संक्रमण काल के दौरान भी धार्मिक परंपरा को कायम रखते हुए प्रतीकात्मक रूप से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद से दुर्गा उत्सव का आयोजन लगातार जारी है।
बैठक के दौरान दुर्गा उत्सव 2025 के आयोजन की तैयारियों, व्यवस्थाओं एवं अनुभवों की भी समीक्षा की गई। आगामी वर्ष के आयोजन को और अधिक व्यवस्थित, सामूहिक एवं धार्मिक-सांस्कृतिक स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि दुर्गा उत्सव 2026 का आयोजन नवयुवकों के नेतृत्व एवं तत्वावधान में किया जाएगा।
इस दौरान नौ दिवसीय उत्सव की प्रारंभिक तैयारियों, धार्मिक अनुष्ठानों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, व्यवस्थाओं तथा ग्रामवासियों की सहभागिता को लेकर विचार-विमर्श किया गया। आयोजन को सफल बनाने के लिए युवाओं के साथ-साथ सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में ग्राम के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लगभग 60 ग्रामीणों ने अपनी सहमति एवं सहभागिता दर्ज कराते हुए आयोजन में हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने कहा कि सामूहिक सहयोग एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी से इस वर्ष का दुर्गा उत्सव और अधिक भव्य एवं यादगार बनाया जाएगा।
बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने आगामी दुर्गा उत्सव को श्रद्धा, भक्ति, सामाजिक एकता एवं सांस्कृतिक परंपरा के साथ सफलतापूर्वक संपन्न कराने का संकल्प लिया।








