
*सक्ती (छत्तीसगढ़), 16 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंहितराई गांव स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार (14 अप्रैल 2026) को हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। इस हादसे में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 से अधिक घायल हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रारंभिक जांच में औद्योगिक सुरक्षा विभाग ने गंभीर लापरवाही पाई है। आरोप है कि उत्पादन बढ़ाने की जल्दबाजी में प्लांट का लोड 350 MW से सीधे 590 MW तक बढ़ा दिया गया, जिससे सिस्टम का संतुलन बिगड़ गया। तकनीकी खराबी की चेतावनी के बावजूद प्लांट को बंद नहीं किया गया, जिसकी वजह से उच्च दबाव वाली स्टीम ट्यूब फट गई और करीब 600 डिग्री तापमान वाली सुपरहीटेड स्टीम मजदूरों पर बरस पड़ी। 
धभरा पुलिस थाने में दर्ज FIR में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत प्लांट हेड देवेंद्र पटेल और प्रबंधन के कुल 19 वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। श्रम विभाग ने साफ कहा है कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

मुआवजे की घोषणा
वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिवारों को 35 लाख रुपये मुआवजा और एक परिवार के सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है। गंभीर रूप से घायलों को 15 लाख रुपये तथा इलाज के दौरान पूरा वेतन देने की बात कही गई है।

राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजे की घोषणा की है। प्रधानमंत्री राहत कोष (PMNRF) से भी 2 लाख रुपये प्रति मृतक दिए जाएंगे। जिला प्रशासन ने 30 दिनों के अंदर मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
अनिल अग्रवाल का बयान
वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर दुख व्यक्त करते हुए लिखा, “छत्तीसगढ़ के सिंहितराई प्लांट में हुई इस अत्यंत दुखद दुर्घटना से मैं बहुत व्याकुल हूं। इससे प्रभावित हर व्यक्ति मेरा परिवार है। आपके आंसू मेरे हैं, आपका दर्द मेरा है। हम पीड़ित परिवारों के साथ हर संभव सहयोग करेंगे।”
विपक्ष और स्थानीय प्रतिक्रिया
विपक्षी कांग्रेस ने हादसे पर सख्त कार्रवाई और न्यायिक जांच की मांग की है। ग्रामीणों और मजदूरों में आक्रोश है। कई मजदूर परिवारों ने प्लांट छोड़कर घर जाने की बात कही है।
यह हादसा वेदांता कंपनी की औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल फिर से खड़ा कर रहा है। इससे पहले भी कंपनी के विभिन्न प्लांट्स में सुरक्षा संबंधी घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
प्रशासन ने प्लांट के संचालन को तत्काल निलंबित कर दिया है और आगे की जांच जारी है।






